मैच के बाद बेल्जियम के एंटवर्प में डेविंटर ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डाली।वह अपनी हार को इस्लामोफोबिक बयान से जोड़कर राजनीति में नया विवाद खड़ा कर रहे हैं।

फ्लेमिश समाज में सांस्कृतिक खतरे की भावना को बढ़ावा देने के लिए ऐसे बयान दिए जा रहे हैं।

चिंता जताई गई कि अतिवादी ऐसे मामलों को कृत्रिम संकट बना राजनीतिक लाभ लेना चाहते हैं।इन नीतियों से बेल्जियम की बहुसांस्कृतिक पहचान और सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुँचता है।

यूरोपीय संघ पर भी सवाल उठ रहे कि वह घृणा फैलाने वाले बयानों पर कार्रवाई क्यों नहीं करता।जनता चाहती है कि यूरोपीय संघ लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवाधिकारों को मजबूती से लागू करे।