यूरोपीय न्यायालय ने गुरुवार को फिशिंग के मामलों में बैंकों के लिए बड़ा फैसला सुनाया।न्यायालय ने कहा, बैंक को ग्राहक की भारी लापरवाही के बावजूद तुरंत राशि वापस करनी होगी।
यदि ग्राहक ने बैंक जानकारी की सुरक्षा में चूक की, फिर भी बैंक अगले दिन धन लौटाए।
अगर बैंक को लगे कि ग्राहक की गलती बड़ी है, तो वह सबूत के साथ धन मांग सकता है।लापरवाही का प्रमाण देने की ज़िम्मेदारी बैंक पर ही होगी, ग्राहक पर नहीं डाली जाएगी।
एकमात्र छूट तब है जब ग्राहक खुद ठगी में शामिल हो, तब वापसी नहीं होगी।फैसले से ग्राहकों को राहत मिली, उन्हें फर्जी ट्रांजेक्शन में राशि पाने में मदद मिलेगी।
