जर्मनी में इस वर्ष पेट्रोल, डीज़ल और गैस की कीमतें रिकॉर्ड तेज़ी से बढ़ी हैं।पेट्रोल के दाम तीस प्रतिशत, डीज़ल के पैंतालीस प्रतिशत तक चढ़े, परिवार बेहद परेशान हैं।
ऊर्जा कीमतों में चौदह दशमलव नौ प्रतिशत इजाफे ने आम नागरिक की जेब ढीली कर दी।
अब भी कई परिवार सर्दी में टैंक फुल नहीं करा पाए, आपूर्ति संकट गहराने की आशंका है।लॉजिस्टिक्स कंपनियों पर खर्चें बढ़े, करोड़ों यूरो की अतिरिक्त लागत सामने आ गई।
सरकार पेट्रोल-डीज़ल की कीमत पर सीमा लगाने का विचार कर रही, लेकिन अर्थशास्त्री चिंतित।देश में गैस भंडार ऐतिहासिक निचले स्तर पर, कड़ाके की सर्दी एक बड़ी चुनौती बनेगी।
