यूरोप में Tiktok पर मीडिया संस्थानों की आज़ादी सीमित करने का आरोप सार्वजनिक रूप से लगा।कंपनी द्वारा मीडिया सामग्री हटाना और कई प्रोफाइल्स पर चेतावनी देना चिंता बढ़ा रहा है।
मीडिया प्रतिनिधियों के अनुसार, यह मेटा के बाद सबसे बड़ा मीडिया पर प्रहार माना गया।
यूरोपीय संघ के कुछ देशों के मीडिया संगठन अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।उनका कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स स्वतंत्र समाचारों की व्यवस्था पर प्रतिकूल असर डालते हैं।
इससे आम जनता के लिए स्वतंत्र सूचना तक पहुँच सीमित हो जाती है, चिंता लगातार बढ़ रही है।टिकटॉक के नियमों से लाखों लोगों की सही खबर जानने की क्षमता पर बुरा असर पड़ता।
































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