दमिश्क में कई परिजन इज़राइली जेलों में बंद अपने रिश्तेदारों के लिए प्रदर्शन करते दिखे।कुनेत्रा, शम के ग्रामीण इलाकों और डेरा से आए लोग विदेश मंत्रालय के सामने जमा हुए।

प्रदर्शनकारियों ने अपनों की तस्वीरें थामीं और उनकी तत्काल रिहाई की मांग करते रहे।

हसन अहमद बोले, कई परिजनों को असद शासन से पहले ही इजराइली जेल में डाला गया था।उन्होंने यूएन, अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस और मानवाधिकार संस्थाओं से इजराइल पर दबाव बनाने को कहा।

हाटिजा आशूर ने बताया, अठारह वर्ष से कम उम्र के लोग भी जेलों में बड़ी पीड़ा झेल रहे।आशूर बोलीं, हमें अपने बच्चों का हाल नहीं पता, सभी संस्थाएँ और अधिकारी मदद करें।