ग़ज़ा के नुसैरात कैम्प में इज़राइल की बमबारी के दौरान एक परिवार में मातम फैल गया।अय्याश परिवार ने इज़राइल द्वारा क्षेत्र खाली करने के आदेश के बाद ज़ेवायदिह की ओर पलायन किया।

पलायन के लगभग एक सप्ताह बाद इज़राइल के ड्रोन हमलों ने वहां तबाही मचाई और खौफ पैदा किया।

जनवरी दो हज़ार चौबीस में नाश्ते के वक़्त गोलीबारी के दौरान अय्याश की मां को गोली लगी।मां की मौत के बाद चौदह वर्षीय अय्याश ने अपनी ज़िंदगी खत्म होते हुए महसूस किया।

हैरान और दुखी अय्याश अपने दादा द्वारा बनाए गए प्लास्टिक की नेय बजाने में रुचि लेने लगा।नेय की सादगी के साथ हर बार मां को याद कर वह अपने दर्द से लड़ता चला गया।