पूर्ण सूर्य ग्रहण बारह अगस्त दो हज़ार छब्बीस को होगा, इसे देखना व्यापक आकर्षण का विषय बनेगा।यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी की एस्ट्रोनॉट सारा गार्सिया ने बताया, सूर्यास्त का समय अनुभव को और बढ़ाएगा।
चमकदार बिंदु, जिन्हें बेली बीड्स कहा जाता है, चाँद के किनारे से उजागर होंगे, दृश्यता बढ़ेगी।
पूर्ण अंधकार क्षेत्र, जिसे टोटलिटी पथ कहते हैं, दुर्लभ ढंग से सूर्य का पूरा ढकाव दिखाएगा।एजेंसी ने सुझाया, सही समय और स्थान का चयन देखने के प्रभाव को निर्णायक रूप से बदल सकता है।
सूर्य के निम्न कोण और सूर्यास्त की अवस्था से, रंगीन एवं नाटकीय दृश्य अनुभव में आएंगे।यह घटना आमजनों, वैज्ञानिकों व शौकीनों को अनोखा अनुभव और महत्वूपर्ण जानकारी उपलब्ध करवाएगी।
































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