नीदरलैंड में अधिकतर अभिभावक बच्चों को डिजिटल रूप से ट्रैक करते पाए गए, नतीजे चौंकाने वाले रहे।एक बड़े सर्वे में दो तिहाई माता-पिता ने बच्चों का स्थान ट्रैक करने की बात स्वीकारी।
अधिकांश ने स्मार्टफोन, स्मार्ट वॉच या विशेष ट्रैकर के इस्तेमाल का दावा किया।
सुरक्षा की चाह और डिजिटल ट्रैकिंग की व्यावहारिकता माता-पिता के मुख्य कारण बने।खासकर छोटे और मझोले बच्चों पर 'Find My', 'Life360' जैसी एप्लीकेशन ज्यादा प्रचलित रहीं।
बहुत से माता-पिता इसे असामान्य स्थितियों में ही इस्तेमाल करते हैं, कुछ नियमित ट्रैकिंग भी करते।विशेषज्ञ चिंतित हैं कि लगातार निगरानी बच्चों की स्वायत्तता और आत्मविश्वास पर असर डालती।
