वैज्ञानिकों ने खराब नींद और युवाओं में बढ़ते कैंसर मामलों के बीच संबंध की पुष्टि की है।दो शोधों के अनुसार, उन्नीस सौ नब्बे में डेढ़ करोड़ से अधिक युवा कैंसरग्रस्त हुए थे।
दो हज़ार उन्नीस तक यह आंकड़ा तीन करोड़ से भी अधिक कैंसर मामलों तक पहुँच गया।
पचास वर्ष से कम उम्र के समूह में कैंसर से मौतें सत्ताईस प्रतिशत तक बढ़ी हैं।शिकागो में आयोजित सम्मेलन में विशेषज्ञों ने अनियमित नींद के गंभीर खतरे पर बल दिया।
टेक्सस स्थित संस्थान ने अठारह से पचास वर्ष के करोड़ों अमेरिकी लोगों का डाटा विश्लेषित किया।विशेषज्ञों ने बेहतर जीवनशैली, नियमित नींद और स्वास्थ्य के लिए लंबी अवधि के अध्ययन सुझाए हैं।
