जर्मन उद्योग पिछले कई महीनों से लगातार पंद्रह हज़ार नौकरियों का नुकसान झेल रहा है।रोज़गार अध्ययन के मुताबिक, हज़ार एक सौ कर्मचारी रक्षा उद्योग में अन्य क्षेत्रों से पहुँचे हैं।
सार्वजनिक प्रशासन और सामाजिक सुरक्षा क्षेत्रों में तेईस हज़ार से ज़्यादा लोग आ चुके हैं।
ऊर्जा की कमी, महंगी बिजली और वैश्विक व्यापार दबाव जर्मन उद्योग को संकट में डाल रहे हैं।निवेश और नए उद्योग कम हुए हैं, जिससे जर्मन श्रमिकों के लिए अवसर काफी घटे हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रशिक्षण, कौशल विकास और स्पष्ट नीति हस्तक्षेप की सख्त ज़रूरत महसूस की गई।ऑटोमोबाइल उद्योग सबसे ज़्यादा प्रभावित हुआ, श्रमिक व नेतृत्व द्वारा नया समर्थन एवं नीति बदलाव माँगा।
