पहले लोग इंटरनेट के लिए कैफे जाते थे, अब घरों में आसानी से नेटवर्क तक पहुंच संभव है।सामाजिक नेटवर्किंग प्लेटफार्मों ने बेहद सहज संवाद और जानकारी का गठजोड़ एक क्लिक में ला दिया।
आजकल ज्यादातर लोग सोशल मीडिया पर कहाँ गए और क्या किया, यह साझा करने लगे हैं।
युवाओं और बुजुर्गों को वर्चुअल दुनिया की गतिविधियों से चूकने का डर बना रहता है।लुडमिला लुपिनाची ने कहा, लोग अपने रिश्ते, पहचान और अभिव्यक्ति के लिए सोशल मीडिया चुनते हैं।
प्लेटफार्म के इंटरफेस यूज़र को आकर्षित करते हैं, ताकि अधिक समय तक साइट पर रहा जा सके।विशेषज्ञों की मानें तो 'फोमो' सोशल मीडिया लत के मुख्य कारणों में से एक है।
