समुद्री तापमान में निरंतर बढ़ोत्तरी से प्रवाल भित्तियों का पुनरुत्थान और अधिक जटिल बन रहा है।वैज्ञानिकों के अनुसार, रिकॉर्ड तोड़ गर्मियों में जैव विविधता से समृद्ध प्रवाल तंत्र प्रभावित हुए हैं।

दो हज़ार बीस से दो हज़ार चौबीस के दौरान प्रवालों की मात्रा में नौ दशमलव पाँच प्रतिशत गिरावट आई।

सबसे ज्यादा नुकसान दो हज़ार चौबीस में दर्ज हुआ, पूरी दुनिया के भित्तियों पर व्यापक असर पड़ा।विश्वभर के लगभग सतासी प्रतिशत प्रवाल दो हज़ार चौबीस की गर्मी से किसी न किसी रूप में प्रभावित हुए।

अब यदि तापमान बढ़ना जारी रहा तो सतत्तर से नब्बे प्रतिशत तक प्रवाल पूरी तरह खत्म हो सकते हैं।पहले प्रवालों को दोबारा सम्हलने में दस साल लगते थे, अब यह अवधि और लंबी हो गई।