फ्लेमिश सरकार की कड़ी नीतियों से मुसलमानों की सामाजिक और धार्मिक ज़िंदगी सीमित होती जा रही।दो हज़ार तेईस में तेरह कार्य अनुमति दी गई थीं, जो धीरे-धीरे घटती जा रही हैं।

दो हज़ार पच्चीस में केवल दो इजाज़त मिलेंगी और दो हज़ार छब्बीस में कोई भी नहीं।

बेल्जियम में इस्लामिक समुदाय अपने धार्मिक नेताओं के चुनाव और पूजा में बाधा महसूस कर रहा।खासकर तुर्की के माध्यम से चलने वाली धार्मिक गतिविधियाँ निशाने पर ली जा रही हैं।

नए कानूनी प्रस्तावों और सियासी बयानों से अल्पसंख्यकों के अधिकारों में और कटौती देखी जा रही।यानी मुसलमानों की सार्वजनिक पहचान और धार्मिक आज़ादी बेल्जियम में खतरे में पड़ती दिख रही।