यूरोपीय कंपनियाँ मेटा की वजह से आर्थिक और मानसिक परेशानियों का आरोप लगा रही हैं।कंपनियों ने आरोप लगाया कि यूरोपीय संघ द्वारा सख्ती से कार्रवाई न करने से नुकसान हो रहा।
उनका कहना है कि संघ की कमजोर नीति से बाजार में प्रतिस्पर्धा असंतुलित हो रही है।
उद्योग प्रतिनिधियों ने दावा किया कि यूरोपीय संघ की चुप्पी के पीछे डर है।संघ के अधिकारी मानते हैं कि शिकायतें जायज़ हैं लेकिन नियमन के लिए समय लग रहा।
संस्थानों ने अधिकारियों से कहा कि वे मेटा की गतिविधियों की निगरानी बढ़ाएँ।कंपनियाँ चाहती हैं कि जल्द कदम उठाकर यूरोपीय बाजार को सुरक्षित बनाया जाए।
































Դեռևս մեկնաբանություններ չկան: