वैज्ञानिकों ने प्राचीन सायबेरिया के शिकारी-समाज में वबा के साक्ष्य पहली बार खोज निकाले।बायकाल झील के पास पाँच हज़ार पाँच सौ साल पुराने शवों में यर्सिनिया पेस्टिस मिला।
मिलेजुले प्राचीन डीएनए अध्ययन में चार कब्रिस्तानों से ली गईं नमूनों की गहन पड़ताल हुई।
इन नमूनों में लगभग उनतालीस प्रतिशत मामलों में वबा संक्रमण के लक्षण साफ़ पाए गए।शोध के अनुसार उस समय आठ से ग्यारह वर्ष के बच्चों में अचानक मौतें बढ़ीं।
यह निष्कर्ष निकला कि वबा केवल बड़े कृषक समाज में नहीं, छोटे समूहों में भी घातक रही।विशेषज्ञ मानते हैं यह खोज महामारी विज्ञान और इतिहास की नई समझ के रास्ते खोल सकती है।
