नुसैरत शरणार्थी शिविर में इब्राहीम गंभीर बीमारी और भोजन की कमी से जूझ रहा है।सत्रह वर्षीय इब्राहीम के शरीर का वज़न अब केवल सात किलो ग्राम रह गया है।
इब्राहीम को मात्र प्यूरीदार आहार दिया जाता है, अन्य भोजन उसके लिए असंभव है।
इब्राहीम की मां ज़रूरी भोजन जुटाने के लिए लंबी दूरियां तय करने पर मजबूर हैं।अस्पताल और दवाओं की कमी इब्राहीम की हालत और भी गंभीर बना रही है।
मां अबुसरायाह ने बेटे को इलाज के लिए गज़ा से बाहर भेजने की मांग की।नाकाबंदी और हमलों ने इब्राहीम जैसे कई बच्चों की जिंदगी दांव पर लगा दी है।
