क्या जर्मनी के आज़ोट नियम नीदरलैंड की तुलना में अधिक लचीले हैं, यह चर्चा सामने आई है।नीदरलैंड में आज़ोट सीमा सख़्त है, जिससे कई निर्माण परियोजनाओं की अनुमति प्रक्रिया जटिल बनती है।
वहाँ यदि आज़ोट सीमा बहुत छोटी मात्रा में भी बढ़ती है, तो अनुमति लेना अनिवार्य हो जाता है।
जबकि जर्मनी में ये सीमा बहुत ऊपर है और छोटे स्तर पर अनुमति की आवश्यकता नहीं होती।कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे स्तर पर असर दिखता नहीं, पर सामूहिक असर गंभीर हो जाता।
यूरोपीय आयोग के हस्तक्षेप की उम्मीद कम है क्योंकि जर्मनी पहले ही सज़ा पा चुका है।नीदरलैंड व जर्मनी की गणनाएं अलग हैं, नीति विशेषज्ञ मानते हैं कि सिर्फ़ सीमा बढ़ाने से समस्या हल नहीं होगी।
