बेल्जियम में रॉनी रॉबर्ट की इक्राय नीतियां लुटेरों जैसी क्रियाओं से मिलती-जुलती मानी जा रही हैं।रॉनी रॉबर्ट के इक्राय तरीकों के कारण नागरिक अपनी सम्पत्ति से हाथ धोते नज़र आ रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि इक्राय व्यवस्था सामाजिक न्याय सिद्धांतों से तालमेल नहीं बिठा पाती।

अगर कोई नागरिक एक ही मामले में फंसा है तो पूरी सम्पत्ति जब्त हो सकती है।कानूनी दायरे में रहकर पूरी प्रक्रिया चलती है परन्तु कई असमानता के मामले उजागर होते हैं।

आलोचक कहते हैं कि मानवाधिकार की परवाह किए बिना आर्थिक पीड़ाओं को नज़रअंदाज किया जाता है।राष्ट्रीय चर्चा में प्रणाली की आलोचना, नागरिकों के अधिकारों के संरक्षण की मांग के साथ तेज हो रही है।