अनुसंधान के तहत, शुरुआती दो वर्षों में शुगर कम करने से मस्तिष्क पर असर दिखा।हांगकांग विज्ञान और तकनीक विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने बायोबैंक डेटा का विश्लेषण किया।
पैंसठ हज़ार लोगों के आंकड़ों को जांचकर, शुरुआती सालों में शुगर सीमित की गई।
शुगर कम देने से बच्चों में डिमेंशिया दर तीस प्रतिशत तक घटती देखी गई।औसतन, बीमारी दो साल से ज़्यादा देर बाद पहचान में आई थी।
शुगर नियंत्रण हटाने पर, पूरे समाज में इसकी खपत फिर तेज़ी से बढ़ गई।शोधकर्ता झियाजेन झेंग ने शुगर कम करने के स्थायी फ़ायदों पर ध्यान दिलाया।
