संयुक्त राष्ट्र ने कहा, मध्य पूर्व में युद्ध के चलते दुनिया में भूख संकट गहरा गया है।विश्व खाद्य कार्यक्रम के अनुसार, ऊर्जा की बढ़ी लागत और संघर्षों से मुख्य खाद्य वस्त्रों की कीमत बढ़ी।
दुनिया में गंभीर भूख से जूझ रहे लोगों की संख्या करोड़ों की बढ़ोतरी के करीब पहुंच चुकी है।
मार्च की रिपोर्ट में बताया गया, अगर तेल कीमतें सौ डॉलर तक बनी रहती हैं तो खतरा और बढ़ेगा।युद्ध और हॉर्मुज की बंदी से खाद्य कीमतों में उछाल अफ्रीका और एशिया तक फैल चुका है।
सोमालिया में साल के अंत तक ढाई मिलियन लोग बुनियादी खाद्य पदार्थों से वंचित हो सकते हैं।आर्थिक तंगी, युद्ध और गर्मी—ये सभी कारक 2027 में भी भूख संकट को बढ़ा सकते हैं।
